उत्तर प्रदेश के जिन गांवों में कभी खेती ही आय का एकमात्र साधन हुआ करती थी, वहां अब तस्वीर तेजी से बदल रही है. Agra–Lucknow Expressway ने सिर्फ शहरों को नहीं जोड़ा, बल्कि हजारों गांवों की आर्थिक हालत बदलने की नींव रख दी है. इस एक्सप्रेसवे के आसपास बसे गांवों में जमीन की कीमतें जिस रफ्तार से बढ़ी हैं, उसने गरीब और मिडिल क्लास किसानों को नई उम्मीद दे दी है. हालात ऐसे बन रहे हैं कि आने वाले वर्षों में इन इलाकों में गरीबी टिक पाना मुश्किल हो सकता है.

एक्सप्रेसवे और गांवों की बदली किस्मत
Agra–Lucknow Expressway के चालू होने के बाद ट्रैवल टाइम में भारी कमी आई है. बड़े शहरों तक सीधी और तेज़ कनेक्टिविटी मिलने से आसपास के गांव अब पिछड़े नहीं रहे. जिन इलाकों में पहले कोई निवेश नहीं आता था, वहां अब बिल्डर्स, वेयरहाउस कंपनियां और छोटे उद्योग दिलचस्पी दिखा रहे हैं. इसका सीधा असर गांवों की जमीन पर पड़ा है, जिसकी कीमतें कई जगहों पर दोगुनी से भी ज्यादा हो चुकी हैं.
जमीन के दाम क्यों बढ़ रहे हैं
एक्सप्रेसवे के दोनों ओर लॉजिस्टिक हब, इंडस्ट्रियल एरिया और सर्विस ज़ोन विकसित किए जा रहे हैं. इसके चलते किसानों की जमीन अब सिर्फ खेती की नहीं, बल्कि कमर्शियल वैल्यू वाली संपत्ति बन चुकी है. कई किसान जमीन बेचने की बजाय लीज पर देने का विकल्प चुन रहे हैं, जिससे उन्हें एकमुश्त रकम के साथ-साथ नियमित आमदनी भी मिलने लगी है. यही बदलाव इन गांवों की आर्थिक रीढ़ मजबूत कर रहा है.
रोजगार और बिजनेस के नए मौके
Agra–Lucknow Expressway के किनारे ढाबे, होटल, पेट्रोल पंप, गोदाम और ट्रांसपोर्ट से जुड़े व्यवसाय तेजी से उभर रहे हैं. इससे स्थानीय युवाओं को गांव में ही काम मिलने लगा है और शहरों की ओर पलायन कम हो रहा है. किसानों के परिवार अब खेती के साथ-साथ छोटे बिजनेस और सर्विस सेक्टर से भी कमाई कर पा रहे हैं, जिससे उनकी जीवनशैली में बड़ा सुधार देखने को मिल रहा है.
आगे और कितना बदलेगा हाल
आने वाले समय में जैसे-जैसे एक्सप्रेसवे के आसपास और प्रोजेक्ट्स आएंगे, जमीन की कीमतों में और उछाल देखने को मिल सकता है. बेहतर सड़क, तेज़ ट्रांसपोर्ट और निवेश के चलते शिक्षा, स्वास्थ्य और व्यापार सभी क्षेत्रों में विकास की उम्मीद है. यही कारण है कि कहा जा रहा है कि Agra–Lucknow Expressway ने इन गांवों में गरीबी की जड़ें हिला दी हैं और अब यहां की जमीन सच में लोगों की किस्मत बदलने का जरिया बन चुकी है.
